पाँव तले दबी गर्दन : -- गोदान मुख्यपात्र परिचय होरी – बेलारी गाँव का किसान धनिया – होरी की पत्नी गोबर – होरी का पुत्र भोला - दूसरे गाँव का बूढा किसान झुनिया - भोला की विधवा पुत्री रायसाहब अमरपाल सिंह - बेलारी गाँव का ज़मीन्दार हीरा और शोभा - होरी के भाई पुनिया - हीरा की पत्नी नोहरी - भोला की दूसरी पत्नी कामता और जंगी - भोला के पुत्र होरी की कहानी पत्नी धनिया, पुत्र गोबर। होरी किसान की एकमात्र अभिलाषा थी कि उसके घर के सामने गाय बाँधना। वह गाँव के ज़मीन्दार रायसाहब के यहाँ अक्सर जाया करता था। भोला दूसरे गाँव का बूढा किसान आकर ज़मीन्दार जी से गाय ले गया। रास्ते में होरी ने उसे देख लिया और भूसा देकर कुछ दिन के लिए वह गाय अपने घर ले गया। हीरा और मोती, होरी के भाई थे पर उनके बीच की संबंध ठीक नहीं थी। हीरा ने गाय को ज़हर देकर मार डाला। पुलीस के भय में हीरा गाँव से भाग गया। गोबर और भोला की विधवा पुत्री झुनिया प्रेमबद्ध हो गये। कुछ दिन बीत जाने पर झुनिया गर्भवति हो गयी। गोबर झुनिया को अपने घ...
Posts
Showing posts from August 3, 2011