एक सैनिक की मौत तीन रंगो के लगभग सम्मानित से कपड़े में लिपटा लौट आया है मेरा दोस्त अखबारों के पन्नों और दूरदर्शन के रूपहले परदों पर भरपूर गौरवान्वित होने के बाद उदास बैठै हैं पिता थककर स्वरहीन हो गया है मां का रूद सूनी मांग और बच्चों की निरीह भूख के बीच बार - बार फूट पड़ती है पत्नी कभी - कभी एक किस्से का अंत कितनी अंतहीन कहानियों का आरंभ होता है